BREAKING NEWS
Ads

Sunday, 19 December 2010

Sachin Tendulkar : 50th Test Century सचिन तेंडुलकर को 50वाँ टेस्ट शतक बनाने पर बधाई

बल्लेबाजी के बादशाह सचिन तेंडुलकर ने रविवार को यहाँ टेस्ट मैचों में शतकों का अर्धशतक पूरा करके क्रिकेट जगत में नया इतिहास रचने के साथ ही पिछले 77 दिन से चला आ रहा लंबा इंतजार भी खत्म कर दिया। सचिन को इस महान उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह और कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी ने बधाई दी है।

रिकॉर्ड 175वें टेस्ट मैच की 286वीं पारी खेलने वाले तेंडुलकर दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 50 टेस्ट शतक लगाए हैं। उनके नाम पर एकदिवसीय मैचों में 46 शतक दर्ज हैं और इस तरह से वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का सैकड़ा पूरा करने के करीब हैं।

इस 37 वर्षीय बल्लेबाज ने ऐसे समय में अपना 50वाँ सैकड़ा ठोंका, जबकि भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में गहरे संकट में थी और उस पर पारी का हार का खतरा मंडरा रहा है। इस दिग्गज बल्लेबाज ने हालाँकि सहज होकर बल्लेबाजी की और कई उम्दा शॉट लगाकर दर्शकों को रोमांचित किया।

तेंडुलकर स्पिनर पॉल हैरिस की गेंद पर मिड ऑफ पर छक्का जड़कर नाइंटीज में पहुँचे और इसके बाद उन्होंने डेल स्टेन की गेंद पर कवर क्षेत्र में एक रन लेकर पूरा किया। उनकी इस महान उपलब्धि का स्टेडियम में बैठे हजारों दर्शकों और भारतीय खिलाड़ियों ने ही नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटरों ने भी तालियाँ बजाकर स्वागत किया।

तेंडुलकर ने हमेशा की तरह शतक पूरा करने के बाद आसमान की तरफ देखकर ईश्वर का शुक्रिया अदा किया और दोनों हाथ हवा में लहराने के बाद दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया। वे इसके बाद साथी बल्लेबाज कप्तान महेंद्रसिंह धोनी के पास आए और उनसे कुछ देर तक गुफ्तगू करने के बाद पारी आगे बढ़ाने लग गए।

दुनिया के इस सर्वकालिक महान बल्लेबाज ने हालाँकि दक्षिण अफ्रीका पहुँचते ही क्रिकेट जगत का यह इंतजार खत्म कर दिया। तेंडुलकर यह उपलब्धि हासिल करने वाले न सिर्फ दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं, बल्कि इससे उनके और दूसरे नंबर पर काबिज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग (39) के शतकों के बीच 11 शतक का अंतर आ गया है। दक्षिण अफ्रीका के जैक कैलिस 38 शतक लगाकर तीसरे नंबर पर हैं।

तेंडुलकर दुनिया के उन कुछेक बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने टेस्ट खेलने वाले प्रत्येक देश के खिलाफ शतक लगाए हैं। उन्होंने सर्वाधिक 11 शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए हैं। इसके बाद श्रीलंका (नौ शतक), इंग्लैंड (सात शतक), दक्षिण अफ्रीका (छह शतक), बांग्लादेश (पाँच शतक), न्यूजीलैंड (चार शतक), वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे (तीन-तीन शतक) तथा पाकिस्तान (दो शतक) का नंबर आता है। इनमें से उन्होंने 22 शतक भारतीय और 28 शतक विदेशी सरजमीं पर लगाए हैं।

तेंडुलकर ने शतक पूरा करने तक 175 टेस्ट की 286 पारी में 56.86 की औसत से 14502 रन बनाए थे। उन्होंने टेस्ट मैचों में 50 शतक के अलावा 59 अर्धशतक भी लगाए हैं।

सेंचुरियन में अपनी शतकीय पारी के दौरान तेंडुलकर ने 2010 के कैलेंडर वर्ष में 1500 रन भी पूरे किए। वे इस साल इस मुकाम तक पहुँचने वाले पहले खिलाड़ी हैं। यह तेंडुलकर का एक कैलेंडर वर्ष में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है, जिसमें सात शतक भी शामिल हैं।

तेंदुलकर ने अपना पहला टेस्ट शतक 20 साल से भी अधिक समय पहले 14 अगस्त 1990 को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में बनाया था। संयोग से उन्होंने यह शतक भी भारत की दूसरी पारी में लगाया था। तब उन्होंने नाबाद 119 रन बनाकर भारत की हार टाली थी। तेंडुलकर ने वैसे अब तक भारत की दूसरी पारी में केवल 13 शतक लगाए हैं। अपने प्रिय बल्लेबाजी क्रम चौथे नंबर पर यह उनका 44वाँ शतक है।

भारत की तरफ से सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज तेंडुलकर ने अपना दसवाँ शतक भी इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में 1996 में लगाया था। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ ही 2002 में लीड्स में 30वाँ शतक लगाकर सर डॉन ब्रैडमैन को पीछे छोड़ा था और फिर दस दिसंबर 2005 को श्रीलंका के खिलाफ दिल्ली में 35वाँ शतक जमाकर हमवतन सुनील गावस्कर के रिकॉर्ड को तोड़ा था। (भाषा)

मैं कभी रिकॉर्ड के लिए नहीं खेलता:सचिन

सचिन तेंडुलकर हमेशा कहते रहे हैं कि वे कभी रिकॉर्ड के लिए नहीं खेलते और अपना 50वाँ टेस्ट शतक पूरा करने के बाद भी उन्होंने यही बात दोहराई।

तेंडुलकर ने कहा कि मैं कभी रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोचता। मैं अपनी तैयारियों पर ध्यान देता हूँ और मैदान पर शत प्रतिशत देने की कोशिश करता हूँ। मुझे खेलना अच्छा लगता है। मैं हमेशा सुधार करना चाहता हूँ। यदि मैं रिकॉर्ड के पीछे भागता तो फिर कुछ एकदिवसीय मैचों से बाहर नहीं रहता। मैं जब भी मैदान पर कदम रखता हूँ तो अच्छी क्रिकेट खेलने में विश्वास रखता हूँ।

अपनी इस पारी के बारे में उन्होंने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों में रन बनाने से बहुत खुशी होती है। हम सभी जानते हैं कि पहले दिन विकेट किस तरह का व्यवहार कर रहा था। मैं किसी तरह का बहाना नहीं बनाना चाहता लेकिन केवल पहले दिन विकेट का मिजाज अलग तरह का था।

तेंडुलकर ने हालाँकि कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ चेन्नई में 1999 में 136 रनों की पारी उनके करियर की सबसे मुश्किल पारी थी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि पाकिस्तान के खिलाफ 136 रनों की पारी बहुत मुश्किल परिस्थितियों में बनी थी। विकेट खराब था और गेंदबाजी आक्रमण बेहतरीन था। (भाषा)

सचिन तेंडुलकर को 50वाँ टेस्ट शतक बनाने पर बधाई

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर समेत कई दिग्गज हस्तियों ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर को 50वाँ टेस्ट शतक बनाने पर बधाई दी है।

श्रीमती पाटिल ने सचिन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी इस बेजोड़ उपलब्धि पर हर देशवासी को गर्व है। बल्लेबाजी का लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले सचिन ने सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट की दूसरी पारी में अपना 50वाँ शतक पूरा किया। यह कीर्तिमान बनाने वाले वह दुनिया के पहले खिलाड़ी हैं।

प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने सचिन को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस उपलब्धि को अद्भुत बताया है। उन्होंने साथ ही कहा कि देश के लिए दो दशक से लंबे समय तक खेलते रहना करिश्माई उपलब्धि है और वह भविष्य में भी नई ऊँचाइयाँ हासिल करेंगे। सचिन की इस उपलब्धि पर हर देशवासी गर्व महसूस कर रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सचिन की उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि उन्होंने एक और विश्व रिकॉर्ड बनाकर देश का सिर गर्व से ऊँचा किया है।

भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा 'मैं सचिन को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देता हूँ। हम सबको उन पर गर्व है। हम जल्दी ही सचिन का सम्मान करेंगे। (वार्ता)

सचिन बल्लेबाजी के प्रोफेसर हैं-कर्स्टन

भारतीय कोच गैरी कर्स्टन ने करियर का 50वाँ टेस्ट शतक लगाने वाले सचिन तेंडुलकर की खुले दिल से तारीफ करते हुए उन्हें बल्लेबाजी का प्रोफेसर बताया है।

कर्स्टन के अनुसार तेंडुलकर की बेहतरीन तकनीक और हर तरह के शॉट्स खेलने की उनकी क्षमता के कारण ही वे शतकों के अर्द्धशतक तक पहुँचे हैं। उन्होंने कहा- यह वाकई लाजवाब उपलब्धि है। यह सबसे खास है और वे इसके हकदार हैं। क्रिकेट की किताब में मौजूद हर शॉट्स को खेलने में सचिन माहिर हैं। मेरी नजर में वे बल्लेबाजी के प्रोफेसर हैं।

कोच ने कहा- सचिन हमेशा सीखने को तैयार रहते हैं और उनका प्रयास होता है कि अपने खेल में और भी सुधार करें। यही उनकी सफलता का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। वे हर मैच की कड़ी तैयारी करते हैं। उनके लिए टेस्ट मैच दो दिन पहले शुरू होता है। मुझे खुशी है कि पिछले तीन वर्षों से मैं उनके साथ मिलकर काम कर रहा हूँ।

कर्स्टन ने कहा- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपेक्षाओं के इतने अधिक दवाब में ऐसा प्रदर्शन करना वाकई अविश्वसनीय है। टीम के सबसे वरिष्ठ खिलाड़ी होने के बावजूद सचिन नेट्स पर सबसे ज्यादा वक्त बिताते हैं। वे नेट्स पर सबसे ज्यादा गेंद खेलना चाहते हैं। आप नेट्स पर भी उन्हें कमजोर शॉट्स खेलते नहीं देखेंगे। उनका ध्यान हमेशा अपने खेल पर लगा होता है।

सचिन के जोरदार फॉर्म के बारे में उन्होंने कहा- इस वर्ष उनका प्रदर्शन वाकई शानदार रहा है। मेरे खयाल से वे इन दिनों वे अपने खेल का लुत्फ उठा रहे हैं।

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी ओपनर कर्स्टन के अनुसार अपने व्यक्तिगत कीर्तिमानों के बावजूद सचिन एक टीम खिलाड़ी हैं। वे जब भी मैदान में होते हैं तो अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करते हैं। इसके अलावा वे टीम के लिए सबसे बड़े प्रेरणास्रोत भी हैं।

इतिहास में बड़ा कारनामा : वेंगसरकर

सचिन तेंडुलकर द्वारा टेस्ट क्रिकेट में 50 शतक पूरे करने वाले इतिहास के पहले बल्लेबाज बनने पर सभी पूर्व खिलाड़ियों ने जमकर सराहना की है।

भारत के पूर्व कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने कहा कि यह वाकई शानदार पारी थी, क्रिकेट के इतिहास में यह एक यादगार मील का पत्थर है। वे तीनों ही फॉर्मेट में बेहतरीन प्रदर्शन करते आ रहे हैं और इसके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिटनेस बेहद जरूरी है। साथ ही एकाग्रता और खेल के लिए जूनुन भी इतना ही चाहिए।

वेंगसरकर ने कहा कि तेंडुलकर के 50 टेस्ट शतक युवाओं के लिए एक अच्छी सीख है। उन्होंने कहा - जो सचिन ने विदेशी जमीन पर कर दिखाया वह ड्रेसिंग रूम के लिए एक सबक है, विशेष तौर पर युवाओं के लिए। यह क्रिकेट के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ और मुझे नहीं लगता कि कोई दूसरा इस उपलब्धि तक पहुँच सकेगा, क्योंकि इस समय ट्वेंटी-20 और वनडे क्रिकेट काफी खेला जा रहा है। सचिन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 21 वर्ष हो चुके हैं लेकिन उनमें अब भी वही ललक है जो मैंने 1988 में देखी थी। जब भी वे क्रीज पर होते हैं रिकॉर्ड बन जाते हैं।

भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और चयन समिति के चेयरमैन कृष्णमाचारी श्रीकांत ने तेंडुलकर को विश्व क्रिकेट के भगवान और उनकी इस उपलब्धि को महामानवीय प्रयास करार दिया। उन्होंने कहा- वे विश्व क्रिकेट के भगवान हैं और यह कारनामा कोई महामानव ही कर सकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 21 वर्ष समर्पित किए हैं और यह वाकई रोमांचक कर देने वाला अनुभव है। जब आप मुश्किल परिस्थितियों में रन बनाते हैं तो उसे सराहा जाना चाहिए।

पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर अब्दुल कादिर ने सचिन के पहले दौरे को याद किया। उन्होंने कहा- उस समय वे 16 वर्ष के थे और वकार यूनुस सबसे तेज गेंदबाज थे। लेकिन अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की पहली पारी के दौरान उन्होंने जो तकनीक और समर्पण दिखाया वह याद रखने लायक है। उस पारी के दौरान ही यह साफ हो गया था कि सामान्य प्रतिभा से कहीं बढ़कर है। सचिन की यह उपलब्धि शानदार है और मैं उन्हें भविष्य के लिए भी ढेरों शुभकामनाएँ देता हूँ।

Share this:

 
Back To Top
Copyright © 2010 Antadu. Designed by OddThemes